विवाह हेतु व्यवसाय भी सम्मानजनक विकल्प मीडिया प्रभारी देवांगन

मुंगेली। देवांगन समाज में इन दिनों विवाह को लेकर एक गंभीर सामाजिक समस्या उभरकर सामने आ रही है। समाज के अनेक परिवारों में योग्य वर-वधू की तलाश अब कठिन होती जा रही है। खासकर वधू पक्ष द्वारा केवल सरकारी नौकरी वाले वर की अपेक्षा रखने के कारण विवाह में विलंब, वधुओं की उम्र बढ़ने तथा पारिवारिक तनाव जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। समाज में यह धारणा लगातार मजबूत होती जा रही है कि विवाह के लिए सरकारी नौकरी वाला दामाद ही सबसे उपयुक्त विकल्प है। इसी कारण कई परिवार वर्षों तक केवल इसी तलाश में लगे रहते हैं और जब तक उपयुक्त सरकारी नौकरी वाला वर नहीं मिलता, तब तक रिश्ते आगे नहीं बढ़ते। इस स्थिति का परिणाम यह हो रहा है कि समाज की अनेक बेटियाँ विवाह योग्य आयु पार कर रही हैं और परिवार मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
लाखों खर्च कर रहे परिवार
वर-वधू खोजने की प्रक्रिया में अब लोग रिश्तेदारों, एजेंटों, विवाह पोर्टल्स और अन्य माध्यमों पर लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। बावजूद इसके, केवल एक सीमित वर्ग के विकल्पों पर निर्भर रहने से समाधान नहीं निकल पा रहा है। समाज में विवाह का यह संकट धीरे-धीरे विकराल रूप ले रहा है।
समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में बाधा
विशेषज्ञों का मानना है कि समाज में जागरूकता की कमी के कारण लोग आधुनिक परिस्थितियों और रोजगार के विविध अवसरों को समझ नहीं पा रहे हैं। केवल सरकारी नौकरी को ही सफलता का मानदंड मान लेना समाज को पीछे धकेल रहा है। इससे समाज की नई पीढ़ी भी मानसिक रूप से प्रभावित हो रही है।
व्यवसाय भी सम्मानजनक विकल्प
सोशल मीडिया प्रचारक कोमल देवांगन ने समाज के सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि आज के समय में केवल सरकारी नौकरी ही सुरक्षित भविष्य का आधार नहीं है। व्यवसाय करने वाले युवक भी किसी सरकारी नौकरी से कम नहीं हैं। कई युवा व्यापार, उद्योग, स्वरोजगार, निजी क्षेत्र तथा अन्य क्षेत्रों में बेहतर आय और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “समाज को अपनी सोच व्यापक बनानी होगी। विवाह केवल नौकरी देखकर नहीं, बल्कि संस्कार, व्यवहार, परिवार और जीवन की स्थिरता देखकर तय होना चाहिए। व्यवसाय करने वाले युवक भी समाज की प्रगति में बराबर योगदान दे रहे हैं।”
समाज को बदलनी होगी मानसिकता जिलाध्यक्ष आनंद देवांगन अधिवक्ता
देवांगन समाज मुंगेली के जिलाध्यक्ष आनंद देवांगन अधिवक्ता ने कहा कि यदि समाज को इस समस्या से बाहर निकलना है तो विवाह को लेकर सोच में परिवर्तन लाना होगा। योग्य वर का मूल्यांकन केवल नौकरी के आधार पर नहीं, बल्कि उसके चरित्र, जिम्मेदारी, पारिवारिक संस्कार और भविष्य की संभावनाओं के आधार पर करना चाहिए।
सामाजिक जागरूकता अभियान की आवश्यकता – प्रदेश उपाध्यक्ष विष्णु देवांगन
प्रदेश उपाध्यक्ष विष्णु देवांगन ने कहा कि समाज में विवाह संबंधी इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जागरूकता अभियान चलाने, परिचय सम्मेलन आयोजित करने तथा युवाओं को समान अवसर देने की आवश्यकता है। समाज के संगठनों को आगे आकर इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए, ताकि देवांगन समाज में विवाह की समस्या का समाधान निकल सके।
प्रदेश प्रवक्ता दुर्गेश देवांगन ने देवांगन समाज को समय के साथ अपनी सोच को विकसित करना होगा। सरकारी नौकरी निश्चित रूप से सम्मानजनक है, लेकिन व्यवसाय, निजी क्षेत्र और अन्य कार्यक्षेत्र भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। विवाह जैसे पवित्र संबंध को केवल नौकरी के आधार पर सीमित करना समाज के लिए घातक साबित हो सकता है। समाज को एकजुट होकर जागरूकता बढ़ानी होगी, तभी इस समस्या से निजात मिल सकेगी।


















































