पंडित कमलकांत चौबे ने पापों से मुक्ति का मार्ग बताया

मुंगेली—- श्री हरिहर शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कथा स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथावाचक पंडित कमलकांत चौबे ने शिव महापुराण की दिव्य कथा के माध्यम से मानव जीवन, पाप-पुण्य, मोक्ष और शिव आराधना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु कथा श्रवण कर भावविभोर हो उठे। कथावाचक चौबे ने कहा कि मनुष्य अपने कर्मों के अनुसार 84 लाख योनियों में जन्म लेता है और यदि वह पापों से मुक्ति चाहता है तो भगवान शिव की शरण में जाना ही सर्वोत्तम मार्ग है। उन्होंने बताया कि श्रवण, कीर्तन और मनन शिव प्राप्ति के मुख्य साधन हैं। पार्थिव शरीर से निर्मित पार्थिव शिवलिंग की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
पंडित कमलकांत चौबे ने कहा कि बेलपत्र अर्पण करने से तीन जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है। शिव आराधना में होने वाले यज्ञों की तुलना उन्होंने कन्यादान जैसे महापुण्य से की। उन्होंने कहा कि इस भौतिक संसार में समस्त सुखों का भोग करने के बाद अंततः शिव भक्ति से ही मनुष्य को मोक्ष प्राप्त होता है। कथा के दौरान उन्होंने दक्ष प्रजापति के अहंकार का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वाभिमान और अभिमान में अंतर समझना आवश्यक है। अभिमान का अंत विनाश में होता है, जबकि स्वाभिमान मनुष्य को धर्म, करुणा, दया और प्रेम के मार्ग पर चलना सिखाता है। शिव महापुराण की कथा से यही संदेश मिलता है कि सभी धर्मों के प्रति प्रेम और समभाव रखने वाला व्यक्ति ही शिव को प्राप्त करता है।
कथावाचक ने बताया कि भगवान शिव सभी धर्मों से ऊपर हैं और जो उनकी शरण में आता है, वे उसे समस्त पापों से मुक्त कर देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज के वैज्ञानिक विशेषज्ञ भी शिव तत्व के महत्व को स्वीकार करते हैं, जो शिव की व्यापकता और सार्वभौमिकता को दर्शाता है। चौथे दिन की कथा में सृष्टि की उत्पत्ति, की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसे सुनकर श्रोता ज्ञान और भक्ति से अभिभूत हो गए। पंडित कमलकांत चौबे ने अपने पूर्व कथा आयोजनों का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे पहले वे सरगांव के महामाया मंदिर, लोरमी के मुछेल, मुंगेली के कमल केशरवानी निवास में भी शिव महापुराण कथा कर चुके हैं, जहां उन्हें श्रद्धालुओं का अपार प्रेम और सहयोग मिला। कथा के साथ-साथ संगीतमय भजनों ने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया। शिव महापुराण के दौरान एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए गए, जिनमें “मोर महादेव बेला में चढ़ के आवे” सहित अनेक शिव भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। भजनों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और पूरा पंडाल हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में वाद्य एवं गायन में खिलेश्वर, पैड में चन्द्रहास, तबला वादन में मास्टर चुम्मन सिंह ने उत्कृष्ट संगत की, वहीं लाइव वीडियो कवरेज की जिम्मेदारी जितेंद्र साहू ने निभाई। समूचा वातावरण शिवमय हो गया और श्रद्धालुओं ने कथा के माध्यम से जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलाने का संकल्प लिया। यह जानकारी सोशल मीडिया प्रचारक कोमल देवांगन ने दिया।






















































