मुंगेली — केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026 के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंगेली शहर कांग्रेस अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने इसे छत्तीसगढ़ और आम जनता के हितों के विरुद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास का दस्तावेज़ कम और केवल शब्दों व नारों का संग्रह अधिक है।
दीपक गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ पूरी तरह से गायब नजर आता है। न तो राज्य के खनिज संसाधनों के लिए कोई ठोस प्रावधान किया गया है और न ही बिजली, सिंचाई, कृषि अथवा आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए कोई विशेष योजना दिखाई देती है। यह बजट साफ तौर पर बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला है, जबकि किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग और आदिवासी समाज को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि बजट में बड़े-बड़े दावे जरूर किए गए हैं, लेकिन आम आदमी की रोजमर्रा की परेशानियों—महंगाई, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य—का कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया। किसानों के लिए न समर्थन मूल्य पर कोई स्पष्टता है और न ही सिंचाई व खाद जैसी बुनियादी जरूरतों पर कोई ध्यान दिया गया है। शहर अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ देश को खनिज और बिजली देकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, लेकिन बदले में हर साल बजट में उसे खाली हाथ लौटाया जाता है। यह राज्य के साथ सौतेला व्यवहार है, जिसे कांग्रेस पार्टी कभी स्वीकार नहीं करेगी।
दीपक गुप्ता ने केंद्र सरकार से मांग की कि छत्तीसगढ़ के साथ न्याय करते हुए आगामी संशोधित बजट में राज्य के किसानों, आदिवासियों और युवाओं के लिए ठोस प्रावधान किए जाएं।



















































