माता बगदाई मेला के अंतिम दिन लोकगायिका पायल साहू ने बांधा समां

मुंगेली। जिले के ग्राम नुनियाकछार में आयोजित तीन दिवसीय भव्य माता बगदाई मेला उत्सव का समापन अत्यंत हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ। यह मेला प्रथम दिन से लेकर अंतिम दिन तक ग्रामीणों द्वारा एक बड़े पर्व और त्यौहार के रूप में मनाया गया। पूरे गांव में उत्साह, उमंग और आस्था का वातावरण देखने को मिला। मेले में जहां ग्रामीणों को रोजगार के साधन मिले, वहीं स्कूली छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच भी प्राप्त हुआ। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला का शानदार प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया। मेला के अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले कार्यक्रम में शामिल हुए। बगदाई मन्दिर की सौंदर्यीकरण के लिए 05 लाख रुपए एवं मेला आयोजक समिति को ₹25000 रुपए स्वेक्षानुदान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने माता बगदाई के दर्शन कर जिलेवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मोहले ने कहा कि “यह आयोजन केवल उत्सव नहीं बल्कि आस्था, भावनाओं और गांव की एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से भाईचारा बढ़ता है और गांव की संस्कृति जीवित रहती है।” उन्होंने मेला समिति को 14 वर्षों से लगातार सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि माता बगदाई के आशीर्वाद से यह मेला निरंतर सफल हो रहा है। साथ ही विधायक ने शासन की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए ग्रामीणों से अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
लोकगायिका पायल साहू ने छत्तीसगढ़ी गीतों से जगाया उत्साह
कार्यक्रम की सबसे बड़ी आकर्षण रहीं छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोकगायिका पायल साहू, जिन्होंने एक से बढ़कर एक छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। उनके गीतों पर ग्रामीण देर रात तक झूमते रहे और सुबह होते तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। मेला परिसर में लोकसंगीत की गूंज से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय एवं सांस्कृतिक हो गया।
दहेज प्रथा पर लोकनाटक ने किया भावुक
मेले के दौरान लोक कलाकारों द्वारा दहेज प्रथा जैसे सामाजिक विषय पर नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक में बेटी के विवाह और सामाजिक कुरीतियों की मार्मिक प्रस्तुति ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। लोगों ने मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी ग्रहण किया।
माता बगदाई की लीला अपरंपार — ग्रामीणों ने सुनाई ऐतिहासिक कथा
ग्रामीणों ने माता बगदाई की प्रसिद्धि से जुड़ी ऐतिहासिक कथा बताते हुए कहा कि यह घटना सन 1918 की है जब गांव में बाघ देखा गया था। बताया गया कि एक व्यक्ति को बाघ सोनपत्ती के झाड़ के पास छोड़कर चला गया था। बाद में राजा-रानी द्वारा खोजने पर वह व्यक्ति वहीं बेहोश अवस्था में मिला। इसी घटना के बाद माता बगदाई मंदिर की ख्याति बढ़ी और गांव बसावट को विस्तार मिला। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव का नाम नुनियाकछार कछारी भूमि एवं नदी संगम क्षेत्र के कारण पड़ा।
स्टार्स ऑफ टुमॉरो वेलफेयर सोसायटी ने किया प्रतिभाओं का सम्मान
मेला उत्सव के दूसरे दिन स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसका प्रयोजन संस्था “स्टार्स ऑफ टुमॉरो वेलफेयर सोसायटी” द्वारा किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जनपद सीईओ विक्रम सिंह, व्यापार मेला संयोजक रामपाल सिंह , आकाश परिहार सहित अनेक अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं एवं पुलिस विभाग में चयनित अभ्यर्थियों को ग्राम गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में विजेता विद्यालयों को पुरस्कार राशि—
प्रथम पुरस्कार: ₹3100
द्वितीय पुरस्कार: ₹2100
तृतीय पुरस्कार: ₹1100
प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत पालचुवा के सरपंच विनय बंजारा, सचिव, पंचगण, भाजपा ग्रामीण मंत्री, पूर्व सैनिक, प्रधान पाठक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। मेला समिति अध्यक्ष विश्वराज परिहार, सचिव राम भाऊ सप्रे, कोषाध्यक्ष एवं अन्य सदस्यगण भी आयोजन में सक्रिय रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षक दुर्गेश देवांगन द्वारा किया गया। कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया प्रचारक कोमल देवांगन ने दी। मेला आयोजक के अध्यक्ष विश्वराज सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय माता बगदाई मेला उत्सव नुनियाकछार गांव की आस्था, संस्कृति, एकता और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसके लिए सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।



















































