राजनीति के केंद्र बिंदु और ‘हॉटस्पॉट’ कहे जाने वाले लोरमी विधानसभा में एक ईमानदार छवि के अधिकारी को बदनाम करने की साजिश अब उलटी पड़ती दिखाई दे रही है। कुछ दिनों पूर्व विधानसभा लोरमी के तथाकथित समाज सेवक कोमल सिंह राजपूत, निवासी सल्हैया के द्वारा सोशल मीडिया और अन्य प्रकार से तहसीलदार शेखर पटेल के खिलाफ भ्रामक दुष्प्रचार किया गया। पिछले दस वर्षों के रिकॉर्ड में लगातार दो वर्षों से अपनी निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले तहसीलदार शेखर पटेल ने अपनी छवि धूमिल करने की कोशिश करने वाले तथाकथित समाजसेवकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बेबुनियाद निकले महिला कर्मचारी से दुर्व्यवहार के आरोप
हाल ही में निजी स्वार्थों के चलते कुछ तत्वों द्वारा तहसीलदार पर महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर लेकिन खोखले आरोप लगाए गए थे। इन भ्रामक खबरों को सोशल मीडिया पर फैलाकर अधिकारी की सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिष्ठा को चोट पहुँचाने का प्रयास किया गया।
हैरानी की बात यह है कि इन आरोपों के समर्थन में न तो कोई शिकायतकर्ता सामने आया, न कोई एफआईआर हुई और न ही कोई तकनीकी साक्ष्य (जैसे कॉल रिकॉर्ड या स्क्रीनशॉट) पेश किए गए। पटवारी संघ और तहसील के कर्मचारियों ने एक सुर में इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक ‘चरित्र हनन’ की घटिया साजिश करार दिया।
मानहानि और कानूनी कार्रवाई
अधिवक्ता निखिल शुक्ला के माध्यम से भेजे गए विधिक नोटिस में तहसीलदार शेखर पटेल ने कड़ा रुख अपनाते हुए लीगल नोटिस दिया है कि आरोप पूरी तरह झूठे, षड्यंत्रकारी और तथ्यहीन हैं। बिना किसी प्रमाण के सार्वजनिक रूप से छवि खराब करना भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 356 (मानहानि) के तहत दंडनीय अपराध है।
हड़ताल के बीच भी प्रदेश में गाड़ा झंडा: उत्कृष्ट रहा प्रदर्शन
एक तरफ जहाँ तहसीलदार के खिलाफ हड़ताल किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर उनकी प्रशासनिक क्षमता का लोहा पूरे प्रदेश ने माना। कलेक्टर कुंदन कुमार के नेतृत्व में जिला मुंगेली शासन की कई योजनाओं में अव्वल स्थान पर रहा है। गौरतलब है कि पिछले 10 दिनों से राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की हड़ताल के बावजूद एसडीएम एवं ईआरओ अजीत पुजारी और तहसीलदार एवं एईआरओ शेखर पटेल ने मिलकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में भी छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभाओं में विधानसभा लोरमी को चौथा स्थान दिलाया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि दबाव और विवादों के बीच भी शेखर पटेल ने विकास और सुशासन की गति को रुकने नहीं दिया।
“लोक सेवकों की गरिमा से खिलवाड़ करना अब आसान नहीं होगा। बिना किसी ठोस आधार के एक प्रतिष्ठित अधिकारी के चरित्र पर कीचड़ उछालना न केवल अनैतिक है बल्कि कानूनन अपराध भी है।” — विधिक परामर्शदाता का वक्तव्य
“टीम वर्क और कर्तव्यनिष्ठा की जीत”
हड़ताल जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में लोरमी विधानसभा को पूरे छत्तीसगढ़ में चौथा स्थान प्राप्त होने पर मैं अपनी पूरी निर्वाचन एवं राजस्व टीम को बधाई देता हूँ।
यह उपलब्धि कलेक्टर श्री कुंदन कुमार जी के नेतृत्व, डिप्टी डीईओ श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी और एसडीएम श्री अजीत पुजारी के मार्गदर्शन और लोरमी की जनता के सहयोग का प्रतिफल है। हाल ही में मेरी छवि धूमिल करने के जो प्रयास हुए, उसका जवाब हमारी कार्यकुशलता और आप सभी के अटूट विश्वास ने दे दिया है। मेरा लक्ष्य केवल और केवल लोरमी का विकास और जनसेवा है।
-शेखर पटेल, तहसीलदार लोरमी
यह मामला उन लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो सोशल मीडिया का उपयोग निजी दुश्मनी निकालने या अधिकारियों को डराने के लिए करते हैं। लोरमी के जागरूक नागरिकों और प्रशासनिक महकमे ने तहसीलदार के इस कदम का स्वागत किया है, जिससे यह संदेश गया है कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के खिलाफ रची गई हर साजिश का अंत न्यायालय की चौखट पर ही होगा।





















































