मुंगेली। नगर पालिका परिषद मुंगेली के अंतर्गत महाराणा प्रताप वार्ड क्रमांक 20 में चल रहे सड़क एवं नाली निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वार्ड के पार्षद कुलदीप पाटले ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कलेक्टर से लिखित शिकायत की है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. नाली का निर्माण कराया जा रहा है। पार्षद कुलदीप पाटले का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि विभाग द्वारा नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से कार्य कराया जा रहा है तथा घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भविष्य में सड़क और नाली की मजबूती पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो सकता है। पार्षद ने यह भी आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा करने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और गोलमोल उत्तर देकर मामले को टालने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि वास्तविकता यह है कि निर्माण कार्य केवल खानापूर्ति के उद्देश्य से किया जा रहा है, जबकि यह जनहित से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि सड़क और नाली की चौड़ाई निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं रखी जा रही है। जहां जितनी जगह उपलब्ध है, उसी अनुसार निर्माण कर दिया जा रहा है, जबकि आवश्यकतानुसार अतिक्रमण हटाकर समुचित चौड़ाई सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। पार्षद का आरोप है कि कुछ स्थानों पर चुनिंदा लोगों के अतिक्रमण को ही हटाया गया, जबकि कई जगह सड़क संकरी छोड़ दी गई है, जिससे भविष्य में यातायात और जल निकासी की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
कुलदीप पाटले ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वार्डवासियों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यदि आवश्यकता पड़ी तो वे जनसमर्थन के साथ आगे की कार्रवाई भी करेंगे। इस पूरे मामले को लेकर वार्ड में चर्चा का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, ताकि भविष्य में दोबारा मरम्मत की नौबत न आए और शासकीय राशि का सदुपयोग सुनिश्चित हो सके। अब देखना यह होगा कि उक्त विभाग द्वारा इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं। वार्डवासियों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



















































