मुंगेली। जिले में इन दिनों एक नई समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर में “महू” कीड़ों का अचानक बढ़ा प्रकोप आम जनजीवन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। खासकर देर शाम जैसे ही सड़कों पर लाइटें जलती हैं, बड़ी संख्या में ये कीड़े इकट्ठा होकर वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले दिन हुई बारिश के बाद से कीड़ों की संख्या में अचानक वृद्धि देखी गई है। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ घंटे तक हुई बारिश के कारण नमी बढ़ गई, जिससे ये कीड़े बड़ी तेजी से पनपने लगे। शाम ढलते ही स्ट्रीट लाइट और घरों की रोशनी के आसपास इनका झुंड उमड़ पड़ता है।
सबसे ज्यादा दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। बाइक और स्कूटी चलाने वाले लोग इन कीड़ों के सीधे संपर्क में आ रहे हैं, जिससे उनकी आंखों और चेहरे पर कीड़े टकरा रहे हैं। कई वाहन चालकों ने बताया कि उन्हें हेलमेट पहनकर भी चलना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि कीड़ों की संख्या इतनी अधिक है कि रास्ता साफ देख पाना भी चुनौती बन गया है।
वहीं पैदल चलने वाले राहगीरों की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। बाजार क्षेत्र, मुख्य सड़कों और मोहल्लों में कीड़ों का जमावड़ा लोगों के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक भी इस समस्या के कारण जल्दी-जल्दी काम निपटाकर लौट रहे हैं, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के कीड़े आमतौर पर नमी और रोशनी की ओर आकर्षित होते हैं। बारिश के बाद उनका तेजी से प्रजनन होता है और वे प्रकाश स्रोतों के आसपास अधिक संख्या में दिखाई देते हैं। हालांकि ये कीड़े आमतौर पर हानिकारक नहीं होते, लेकिन उनकी अधिक संख्या से असुविधा और खतरा दोनों बढ़ जाते हैं, खासकर सड़क पर।
नगरवासियों ने प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा कीटनाशक छिड़काव और सफाई व्यवस्था को और बेहतर किया जाए, ताकि इस समस्या से जल्द राहत मिल सके।
फिलहाल, मुंगेली शहर में “महू” कीड़ों का यह प्रकोप लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुका है और यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।



















































